🌹 योग एक जीवन शैली है। जीवन को सम्पूर्णता में जीना ही योग है। योग हमारी परम्परा का अभिन्न अंग है । भारत ने ही सारे विश्व को योग का ज्ञान दिया है। आज सारा विश्व योग को अपना रहा है। हम भी अपनी दिनचर्या में योग को शामिल करें । यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि योग के आठ अंग हैं।
योग एक शारीरिक व्यायाम ही नहीं अपितु एक सम्पूर्ण जीवन दर्शन है । एक दार्शनिक चिन्तन और आध्यात्मिक विद्या भी है । इसको सम्पूर्ण चिकित्सा विज्ञान भी कह सकते हैं।
जो योग को अपनी दिनचर्या का अंग बनाते हैं, वे सदैव स्वस्थ रहते हैं । रोग और व्याधि उनके पास नहीं फटकती । वे दीर्घ जीवन जीते हैं ‘ योग करने से मुखमण्डल पर लावण्य और आभा आती है । आलस्य और सुस्ती उनके पास भी नहीं फटकती । उनके मन में शांति और संतोष की प्राप्ति होती है । अवसाद उनसे कोसों दूर रहता है ।
सुखी और समृद्ध जीवन जीने के लिए योग को अपनायें । प्रतिदिन योग कीजिए और दुनिया के सबसे खुशहाल व्यक्ति बनिये ।
S k Girdhar editor dainik Amrit dhara newspaper करनाल
7015094565

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