खामोश पन्नों पर अक्षर सदा बोलते,
बंद दिमाग की खिड़कियाँ ये खोलते।

कागज और स्याही का अनोखा मेल,
शब्दों का सुंदर और प्यारा खेल।

ज्ञान का गहरा सागर हैं किताबें,
सच्चे दोस्त की पहचान हैं किताबें।

अतीत की गौरव गाथा ये सुनातीं,
उज्ज्वल भविष्य की राह ये दिखातीं।

आओ हम सब इनसे नाता जोड़ें,
अंधकार से अपना मुख अब मोड़ें।

हर घर शिक्षा का दीप जलाएँ,
पुस्तकों संग अपना जीवन सफल बनाएँ।

रिया अग्रवाल

882-641-8376

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts