सतत चिकित्सा शिक्षा (कंटीन्यूइंग मेडिकल एजुकेशन-सीएमई) कार्यक्रम आयोजित किया

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रविंद्र पोपली
चंडीगढ़, 13.10.26

चण्डीगढ़/अमृतधारा/रविंद्र पोपली : इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए), चंडीगढ़ के सहयोग से महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एमजीएमसीएच), जयपुर ने चंडीगढ़ में लिवर प्रत्यारोपण एवं उन्नत लिवर सर्जरी में वर्तमान प्रगति विषय पर सतत चिकित्सा शिक्षा (कंटीन्यूइंग मेडिकल एजुकेशन-सीएमई) कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य अस्पताल में उपलब्ध उन्नत लिवर उपचार, लिवर प्रत्यारोपण और शल्य चिकित्सा सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा मेडिकल टूरिज़्म के माध्यम से भारत के विभिन्न राज्यों और विदेशों से आने वाले मरीजों के लिए विशेष उपचार की उपलब्धता को प्रोत्साहित करना था।

कार्यक्रम का आयोजन महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज़ एंड टेक्नोलॉजी (एमजीयूएमएसटी), जयपुर के चेयरपर्सन-कम -चांसलर डॉ. विकास सी. स्वर्णकार के नेतृत्व में किया गया। एमजीयूएमएसटी के एमेरिटस चेयरपर्सन डॉ. एम. एल. स्वर्णकार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। संस्थान के प्रति उनका दृष्टिकोण, विज़न और मिशन चिकित्सा शिक्षा, विशिष्ट स्वास्थ्य सेवाओं, अनुसंधान तथा सुलभ एवं मरीज केंद्रित सेवाओं को आगे बढ़ाने की संस्थान की प्रतिबद्धता का निरंतर मार्गदर्शन करते हैं।

एमजीयूएमएसटी, जयपुर के सेंटर फॉर डाइजेस्टिव साइंसेज़ (सीडीएस) के चेयरमैन तथा एचपीबी सर्जरी एवं लिवर ट्रांसप्लांटेशन सर्जरी विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. नैमिष एन. मेहता ने लिवर प्रत्यारोपण पर प्रस्तुति दी। उन्होंने इस क्षेत्र में हो रही वर्तमान प्रगति की जानकारी साझा की और सतत चिकित्सा शिक्षा के महत्व पर जोर दिया।

सीएमई कार्यक्रम अस्पताल की उन्नत एवं तकनीक सक्षम उपचार सुविधाओं को प्रस्तुत करने का मंच भी बना। इनमें लिवर प्रत्यारोपण और उन्नत लिवर सर्जरी के साथ दा विंची रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम की सहायता से रोबोटिक सर्जरी तथा साइबर्कनाइफ के माध्यम से सटीक रेडियोथेरेपी शामिल हैं। कार्यक्रम में भारत के विभिन्न राज्यों से आने वाले मरीजों और अंतरराष्ट्रीय मरीजों के लिए एमजीयूएमएसटी की विशिष्ट सेवाओं को रेखांकित किया गया। साथ ही, चिकित्सकीय विशेषज्ञता, उन्नत तकनीक और समन्वित मरीज देखभाल के माध्यम से मेडिकल टूरिज्म को मजबूत करने की अस्पताल की प्रतिबद्धता भी सामने रखी गई।

कार्यक्रम में आईएमए, चंडीगढ़ के अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार और उपाध्यक्ष डॉ. निर्मल भसीन उपस्थित रहे। आईएमए, चंडीगढ़ की मानद सचिव डॉ. गुलप्रीत कौर कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सकीं। आईएमए, चंडीगढ़ के संयुक्त सचिव डॉ. सुचेत सचदेव ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। पीजीआईएमईआर, रोटो, पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड, सिटको चंडीगढ़, ईपीएफओ चंडीगढ़ तथा स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस), पंजाब के प्रतिनिधियों और आमंत्रित अतिथियों को भी कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था।

कार्यक्रम की शुरुआत मंचासीन अतिथियों के स्वागत के साथ हुई, जिसके बाद दीप प्रज्वलन समारोह आयोजित किया गया। एमजीयूएमएसटी, जयपुर के मुख्य परिचालन अधिकारी सुकांत कुमार दास ने स्वागत संबोधन दिया। इसके बाद आईएमए न्यूज़लेटर से संबंधित समारोह हुआ। तत्पश्चात डॉ. नैमिष एन. मेहता ने लिवर प्रत्यारोपण पर सत्र का संचालन किया, जिसके बाद मुख्य अतिथि डॉ. एम. एल. स्वर्णकार ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। कार्यक्रम का समापन डॉ. सुचेत सचदेव के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

इस सीएमई ने विशिष्ट लिवर उपचार को आगे बढ़ाने, जटिल उपचार विकल्पों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा विभिन्न राज्यों और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पार मरीजों के लिए रेफरल एवं संपर्क नेटवर्क विकसित करने हेतु स्वास्थ्य संस्थानों और चिकित्सा समुदाय के बीच सहयोग के महत्व को पुनः रेखांकित किया।

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