स्तन कैंसर के 60% मामलों में देर से होती है पहचान: डॉ. हरिंदर पाल सिंह

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रविंद्र पोपली
चंडीगढ़, 10.10.26

चंडीगढ़: विश्व स्तन कैंसर जागरूकता माह के अवसर पर पार्क हॉस्पिटल, मोहाली के वरिष्ठ कैंसर विशेषज्ञों के पैनल ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने स्तन कैंसर से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को साझा करते हुए भारतीय महिलाओं में समय पर जांच और शुरुआती पहचान की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया।
मीडिया को संबोधित करते हुए डॉ. संदीप कुक्कड़, डायरेक्टर, मेडिकल ऑन्कोलॉजी ने कहा कि स्तन कैंसर महिलाओं में होने वाला सबसे आम कैंसर बनकर उभरा है। उन्होंने बताया, “दुनियाभर में हर साल लगभग 21 लाख महिलाएं स्तन कैंसर से प्रभावित होती हैं, जबकि भारत में हर साल करीब 1.90 लाख नए मामले सामने आते हैं।”
डॉ. (ब्रिगेडियर) हरिंदर पाल सिंह, डायरेक्टर, मेडिकल ऑन्कोलॉजी ने कहा कि यह बीमारी अब कम उम्र की महिलाओं को भी तेजी से प्रभावित कर रही है। उन्होंने बताया, “भारत में स्तन कैंसर के 60 प्रतिशत से अधिक मरीजों में बीमारी का पता उन्नत अवस्था में चलता है। इसका प्रमुख कारण जांच की कम दर और सामाजिक झिझक है।”
डॉ. विजय जागड़, सीनियर कंसल्टेंट, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी ने कहा, “भारत में महिलाओं में होने वाले कुल कैंसर मामलों में स्तन कैंसर की हिस्सेदारी 27 प्रतिशत है। स्तनों की स्वयं जांच और मैमोग्राफी जैसी सरल तकनीकों से बीमारी का शुरुआती चरण में पता लगाया जा सकता है। इसके बावजूद, सर्वेक्षणों के अनुसार, 75 प्रतिशत भारतीय महिलाएं जांच कराने से हिचकिचाती हैं।”
डॉ. अमन कुमार वैद और डॉ. नितिन बालाचंदर, कंसल्टेंट, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी ने भी इस बात पर जोर दिया कि शुरुआती चरण में बीमारी की पहचान होने से उपचार के बेहतर परिणाम मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
स्तन कैंसर जागरूकता माह के अवसर पर पार्क हॉस्पिटल्स के ग्रुप सीईओ (नॉर्थ) आशीष चड्ढा ने घोषणा की कि पार्क हॉस्पिटल, मोहाली में 31 अक्टूबर तक मैमोग्राफी जांच पर 50 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। इसके साथ ही पीईटी-सीटी स्कैन मात्र ₹10,999 में उपलब्ध कराया जा रहा है।

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