24 सवालों के जवाब मांग रहे प्रदर्शनकारी प्रधान जगदीश सिंह झींगा की ओर से अब तक कोई संवाद नहीं
कुरुक्षेत्र दैनिक अमृत धारा (गोपाल मेहरा) अंबाला शहर से हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी HSGMC के सदस्य गुरतेज सिंह द्वारा कुरुक्षेत्र सिथत कमेटी के मुख्य कार्यालय में शुरू किया गया धरना आज लगातार पांचवें दिन में जारी रहा
प्रदर्शनकारी सदस्यों का कहना है कि 5 दिन बीत जाने के बावजूद HSGMC के प्रधान सरदार जगदीश सिंह झींगा अथवा उनके किसी प्रतिनिधि की ओर से प्रदर्शनकारियों से कोई संवाद या बैठक नहीं की गई
धरने घर बैठे सदस्यों द्वारा कमेटी के कामकाज प्रशासनिक फैसलों वित्तीय व्यवस्था धार्मिक मामलों तथा संस्थागत गतिविधियों से संबंधित 24 वालों के स्पष्ट और सार्वजनिक जवाब मांग रहे हैं
प्रदर्शन कार्यों के 24 सवाल
क्या हरियाणा कमेटी के लिए दर्शकों तक चला संघर्ष इसलिए था की संस्था दोबारा बादल परिवार के प्रभाव में आ जाए
हरियाणा कमेटी की घठन के संघर्ष में योगदान देने वाले संघर्षशील योद्धाओं की कुर्बानियां का सम्मान किस प्रकार किया जा रहा है
लगभग 1000 करोड़ की प्रस्तावित यूनिवर्सिटी के संबंध में अब तक क्या प्रगति हुई है
मिली पीली अस्पताल एवं मेडिकल रिसर्च सेंटर का प्रबंध दोबारा बादल परिवार को क्यों दिया गया
दरबार साहिब सरायके प्लॉट की कीमत कथित रूप से 2 करोड़ से बढ़कर 55 करोड़ कैसे हुई और इस लेनदेन का पूरा रिकॉर्ड कहां है
350 नए स्कूलों की घोषणाओं ‌मे मौजूदा स्कूल और कॉलेजों को शामिल क्यों नहीं किया गया
जब 35 सदस्यों की मौजूदगी में बजट पास करने के लिए अरदास किया जाने की बात कही गई तो अब उसी बजट सवाल क्यों उठाए जा रहे हैं
नए नियुक्त ग्रंथि सिंहों को ₹11000 मानदेय देने का आधार क्या है
ग्रंथि सिंहों की नियुक्ति और मानदेय से संबंधित औपचारिक नीति कब जारी की जाएगी
अखंड पाठ सुखमनी साहिब और आनंद कारें के मानदेय बढ़ाने से पहले आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए क्या व्यवस्था की है
पिछले डेढ़ वर्ष में धर्म प्रचार के लिए कौन सी ठोस नीति बनाई गई
इस अवधि में कितने लोगों ने अमृत छका और इसका पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया
सदस्यों को गुरुद्वारा के रिकॉर्ड की जांच के लिए न्यायिक आयोग की सहायता क्यों लेनी पड़ी
यदि कमेटी के पास अतिरिक्त स्टाफ है तो कुछ गुरुद्वारों में स्टाफ की कमी क्यों है और नई नियुक्तियां क्यों की जा रही है
हाई कोर्ट के कथित निर्णय के बावजूद मिली पीली अस्पताल एवं मेडिकल का प्रबंध कमेटी ने अपने हाथ में क्यों नहीं लिया
कमेटी के उप प्रधान की दसतार के साथ कथित बेअदबी हस्तक्षेप करने वालों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई
लखनौर साहिब शीशगंज साहिब और धमतान साहिब से संबंधित चोरी एवं गबन के मामलों में फैसले सार्वजनिक क्यों नहीं किए गए
पर्याप्त फंड होने के बावजूद बड़े धार्मिक कार्यक्रमों के लिए स्थानीय कमेटीयो और सेवा संस्थाओं पर निर्भरता क्यों की जाती है
प्रधान के नाम पर पहले से इनोवा वाहन होने की बावजूद दूसरे वाहन के लिए संगत से फंड क्यों एकत्र किया गया
लगभग 104 करोड़ की वार्षिक बजट के मुकाबले लगभग 5 करोड़ की घोषणाओं को पूरा करने के लिए धन कहां से आएगा
52 ऐतिहासिक गुरुद्वारों में वर्तमान में कितने गुरुद्वारे HSGMC के सीधे प्रबंधन में है और बाकी क्यों नहीं
धमतान साहिब मैं टेंटों का खर्च कथित रूप से 10 करोड़ से 8, 5 करोड़ और फिर 1,50 करोड़ कैसे हुआ क्या इसके लिए टेंडर प्रक्रिया अपनाई गई
गुरुद्वारा श्री शीशगंज साहिब तरावड़ी और अंबाला कोऐतिहासिक शहीदी मार्ग से जुड़े होने के बावजूद शहीदी शताब्दी कार्यक्रमों में शामिल क्यों नहीं किया
क्या प्रधान ने पहले प्रधान बनने के प्रयासों में भाजपा एवं दादूवाल के समर्थन पर निर्भरता की थी और अब कुछ सो सदस्यों को बादल गुट से जोड़ने के के आरोप क्यों लगाए जा रहे हैं
सवालों के जवाब देना जरूरी है
प्रदर्शनकारी सदस्यों ने कहा है कि उनका आंदोलन किसी युक्ति विशेष के खिलाफ नहीं बल्कि पारदर्शिता जवाब देही धार्मिक संस्थाओं की मर्यादा और HSGMC के बेहतर संचालन के लिए
उन्होंने कहा है कि 24 सवाल किसी निजी हित के नहीं बल्कि कमेटी और सिख संगत से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर है इसलिए इनका जवाब देना कमेटी नेतृत्व की जिम्मेदारी है
प्रदर्शनकारियों ने सवाल किया है कि जब धरना पांचवें दिन में प्रवेश कर चुका है तो प्रधान जगदीश सिंह झीडा स्वयं या उनका अधिकृत प्रतिनिधि बातचीत के लिए सामने क्यों नहीं आ रहा
धरनाकारियो ने स्पष्ट किया कि जब तक उनके सवालों के संतोषजनक और दस्तावेजी जवाब नहीं दिए जाते तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा

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