किसान पराली का सही प्रबंधन कर पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाएं – डिप्टी कमिश्नर
• सभी क्लस्टर अधिकारियों, नोडल अधिकारियों समेत पुलिस अधिकारियों को आग लगने की घटनाओं की तुरंत रिपोर्ट करने के आदेश
मोगा, 02 अक्टूबर (सूरज जेन/रजनीश) देनिक अमृत धारा
धान की पराली के सही प्रबंधन संबंधी जागरूकता फैलाने, इसके सुचारु उपयोग के लिए जरूरी बिंदु साझा करने और पूरे समर्पण के साथ काम कर जिले को स्टबल बर्निंग मुक्त बनाने के लिए प्रशासन की ओर से आई.एस.ਐਫ. कॉलेज ऑफ फार्मेसी में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसकी अध्यक्षता डिप्टी कमिश्नर मोगा श्री सागर सेतिया ने की।
इस कार्यक्रम में एस.एस.पी. मोगा श्री अजय गांधी, एस.डी.एम. मोगा श्री सारंगप्रीत सिंह औजला, एस.डी.एम.बाघापुराना श्री बयांत सिंह सिद्धू, एस.डी.एम. धर्मकोट हितेशवीर गुप्ता, मुख्य कृषि अधिकारी श्री गुरप्रीत सिंह, कृषि अधिकारी श्रीमती सुखराज कौर दियोल सहित पुलिस विभाग, कृषि विभाग, पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, जिला विकास एवं पंचायत कार्यालय और सहकारी सभाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
डिप्टी कमिश्नर ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि धान की कटाई का सीज़न शुरू हो चुका है। किसानों को पराली न जलाने, पराली प्रबंधन और कृषि मशीनरी की जानकारी देने में किसी भी तरह की कमी न छोड़ी जाए। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष अधिकारियों की मेहनत से जिले में पराली जलाने की घटनाओं में 72% की कमी दर्ज की गई थी। इस बार ज़ीरो स्टबल बर्निंग के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी टीम को पूरी मेहनत करनी होगी। किसानों से भी इस नेक कार्य में सहयोग करने की अपील की गई। उन्होंने बताया कि जिन गांवों में पिछले साल सबसे अधिक पराली जलाने के मामले सामने आए थे, वहां किसानों के साथ प्रशासन और एस.डी.एम. द्वारा बैठकें की गई हैं, ताकि उनकी सोच बदलकर इस बार ऐसे मामलों को रोका जा सके। डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि कृषि विभाग द्वारा पिछले दो महीनों से गांवों में जागरूकता कैंप लगाए जा रहे हैं। इस बार कस्टम हायरिंग सेंटर्स में मौजूद कृषि मशीनरी की सूची गांव-वार तैयार कर हर क्लस्टर और नोडल अधिकारी को दी जाएगी ताकि किसी भी किसान को मशीनरी के उपयोग में परेशानी न आए और वह पराली जलाने के लिए मजबूर न हो।
उन्होंने यह भी आदेश दिए कि आग की सूचना मिलते ही 24 घंटे के भीतर क्लस्टर अधिकारी मौके पर जाएं, रिपोर्टिंग करें और अपनी ड्यूटी ईमानदारी से निभाएं। किसानों को पराली जलाने पर होने वाली कानूनी कार्रवाई के बारे में भी जागरूक किया जाए।
एस.एस.ਪੀ. मोगा श्री अजय गांधी ने कहा कि पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन का पूरा सहयोग करते हुए पराली जलाने की घटनाओं पर सख्ती से रोक लगाएगा।
कार्यक्रम में पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एस.डी.ओ. मनमोहित सिंह ने ए.टी.आर. ऐप, आत्मा परियोजना के डिप्टी प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ. तपतेज सिंह ने उन्नत ऐप और सहकारी सभाओं के डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ. गुरजोत सिंह ने सहकारी सभाओं में उपलब्ध कृषि मशीनरी संबंधी जानकारी दी।
कार्यक्रम में डिप्टी कमिश्नर श्री सागर सेतिया ने नोडल और क्लस्टर अधिकारियों के साथ प्रश्न-उत्तर सत्र भी किया, जिसमें फील्ड टीमों की चुनौतियां सुनीं और उनके समाधान हेतु सुझाव साझा किए गए।

About Author
Keshav@5727
View All Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts