सतीश त्रिपाठी-ब्यूरो चीफ दैनिक अमृत धारा
महराजगंज। सुकुमबासी बस्ती में बुलडोजर चलाए जाने के बाद आज बुटवल में भूमिहीन और सुकुमबासी लोगों ने प्रदर्शन किया।
आंदोलन के नेताओं ने सरकार पर मानवीय संवेदनाओं की अनदेखी करते हुए ‘निरंकुश शैली में आगे बढ़ने का आरोप लगाया।
नेपाल भूमिहीन, सुकुमबासी तथा अव्यवस्थित बसोबास संघर्ष समिति रूपन्देही के आयोजन में बुटवल के राजमार्ग चौराहा से शुरू हुई रैली ट्रैफिक चौक पहुंचकर एक सभा में बदल गई। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने विरोध जताते हुए कहा कि जब सरकार को लालपुर्जा (जमीन का मालिकाना हक) बांटना चाहिए, तब वह बुलडोजर आतंक मचा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बुलडोजर अभियान नहीं रोका गया तो वे और अधिक सशक्त आंदोलन करेंगे।
सभा को संबोधित करते हुए संघर्ष समिति के सलाहकार विरेन्द्र विक ने टिप्पणी की कि सरकार अवैध है, जो उनके वोट तो लेती है लेकिन उनके आवास पर बुलडोजर चलाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मानवता का ख्याल रखे बिना जगह-जगह बुलडोजर आतंक मचा रही है।
संघर्ष समिति के रूपन्देही संयोजक खगेन्द्र पौडेल ने बुटवल में रुकी हुई लालपुर्जा वितरण प्रक्रिया को तत्काल शुरू करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि बुटवल-रानीगंज औद्योगिक क्षेत्र के पास रहने वाले 27 परिवारों को हटाने का प्रयास स्वीकार्य नहीं है और यदि उन्हें उसी स्थान पर व्यवस्थित नहीं किया गया तो वे कड़ा आंदोलन करेंगे।
आंकड़े बताते हैं कि रूपन्देही में भूमिहीन और अव्यवस्थित बसोबास करने वालों की संख्या बहुत अधिक है। भूमि आयोग रूपन्देही के अध्यक्ष कुमार थापा के अनुसार, जिले में लालपुर्जा के लिए 79 हजार 261 परिवारों ने आवेदन दिया है। इनमें से 3 हजार 76 भूमिहीन दलित, 6 हजार 761 भूमिहीन सुकुमबासी और 69 हजार 426 परिवार अव्यवस्थित बसोबास करने वाले हैं।
सबसे अधिक बुटवल उपमहानगरपालिका में 16 हजार 874 परिवारों को लालपुर्जा नहीं मिला है। इसी तरह सैनामैना नगरपालिका में 16 हजार 142, देवदह नगरपालिका में 14 हजार 30, कंचन गाउँपालिका में 12 हजार 402, तिलोत्तमा नगरपालिका में 8 हजार 292 और गैँडहवा गाउँपालिका में 4 हजार 506 परिवार लालपुर्जा की प्रतीक्षा में हैं।
प्रदर्शन में बुटवल और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में भूमिहीन और सुकुमबासी लोगों ने भाग लिया।



