प्रदेश के सियासी गलियारे में इन दिनों भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई के बदले हुए तेवरों की जमकर चर्चा है। शक्ति प्रदर्शन और बड़ी रैलियों की रवायत से इतर बिश्नोई ने अब ‘साइलेंट कनेक्ट’ यानि सीधे संवाद का रास्ता चुना है। सिरसा,पानीपत, कुरुक्षेत्र और जींद के बाद अब उनका अगला पड़ाव बांगर इलाके में कलायत बनने जा रहा है क्योंकि वहां पर आगामी 13 सितंबर को पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल और कुलदीप बिश्नोई के समर्थकों द्वारा एक बड़ा ‘स्नेह मिलन’ कार्यक्रम तय किया गया है। बिश्नोई के नये राजनीतिक कार्यक्रम फिलहाल पूरे प्रदेश की सियासत में चर्चा का विषय बने हुये है। एकतरफ जहां बिश्नोई इन कार्यकर्मों को सिर्फ मिलन समारोह बता रहें है। वहीं दूसरी तरफ प्रदेश की राजनीति को नजदीक से जानने वाले विश्लेषक इन कार्यकर्मों को केवल मेल-मिलाप मानने से इनकार कर रहे हैं। उनका मानना है की कुलदीप बिश्नोई अपने पूराने कार्यकर्ताओं को पूर्व सीएम भजनलाल की पूरानी पार्टी हरियाणा जनहित कांग्रेस (हजकां) के जमाने के सभी कार्यकर्ताओं को फिर से अपने साथ जोड़कर पूरे प्रदेश में अपना जमीनी नेटवर्क पुनर्जीवित कर रहे हैं। इसी कड़ी में 13 सितंबर को कैथल के कलायत में आयोजित होने वाले कार्यक्रम की कमान बिश्नोई के पुराने संघर्षी साथी पंडित विनोद निर्मल को सौंपा गई है। जो स्थानीय स्तर पर अपनी मजबूत पकड़ रखते हैं। कुलदीप बिश्नोई ने रणनीति में बदलाव करते हुये भारी भीड़ जुटाकर नारे लगवाने के बजाय सीधे संवाद और व्यक्तिगत रिश्तों को प्राथमिकता दे रहे हैं। जींद के बाद कलायत में यह आयोजन साबित करता है कि बिश्नोई अपनी सक्रियता किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रखना चाहते। और लंबे अर्से से शांत बैठे अपने पूराने कार्यकर्ताओं को दोबारा से सक्रिय कर रहे है।वहीं कलायत में जुटने वाले पुराने चेहरे और मंच से कुलदीप का रुख यह तय करेगा कि यह मुहिम सिर्फ पुराने दोस्तों की चाय-पे-चर्चा है या आने वाले दिनों में हरियाणा की राजनीति में किसी बड़े फेरबदल की आहट होगी।
प्रदेश के सियासी गलियारे में इन दिनों भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई के बदले हुए तेवरों की जमकर चर्चा है। शक्ति प्रदर्शन और बड़ी रैलियों की रवायत से इतर बिश्नोई ने अब ‘साइलेंट कनेक्ट’ यानि सीधे संवाद का रास्ता चुना है। सिरसा,पानीपत, कुरुक्षेत्र और जींद के बाद अब उनका अगला पड़ाव बांगर इलाके में कलायत बनने जा रहा है क्योंकि वहां पर आगामी 13 सितंबर को पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल और कुलदीप बिश्नोई के समर्थकों द्वारा एक बड़ा ‘स्नेह मिलन’ कार्यक्रम तय किया गया है। बिश्नोई के नये राजनीतिक कार्यक्रम फिलहाल पूरे प्रदेश की सियासत में चर्चा का विषय बने हुये है। एकतरफ जहां बिश्नोई इन कार्यकर्मों को सिर्फ मिलन समारोह बता रहें है। वहीं दूसरी तरफ प्रदेश की राजनीति को नजदीक से जानने वाले विश्लेषक इन कार्यकर्मों को केवल मेल-मिलाप मानने से इनकार कर रहे हैं। उनका मानना है की कुलदीप बिश्नोई अपने पूराने कार्यकर्ताओं को पूर्व सीएम भजनलाल की पूरानी पार्टी हरियाणा जनहित कांग्रेस (हजकां) के जमाने के सभी कार्यकर्ताओं को फिर से अपने साथ जोड़कर पूरे प्रदेश में अपना जमीनी नेटवर्क पुनर्जीवित कर रहे हैं। इसी कड़ी में 13 सितंबर को कैथल के कलायत में आयोजित होने वाले कार्यक्रम की कमान बिश्नोई के पुराने संघर्षी साथी पंडित विनोद निर्मल को सौंपा गई है। जो स्थानीय स्तर पर अपनी मजबूत पकड़ रखते हैं। कुलदीप बिश्नोई ने रणनीति में बदलाव करते हुये भारी भीड़ जुटाकर नारे लगवाने के बजाय सीधे संवाद और व्यक्तिगत रिश्तों को प्राथमिकता दे रहे हैं। जींद के बाद कलायत में यह आयोजन साबित करता है कि बिश्नोई अपनी सक्रियता किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रखना चाहते। और लंबे अर्से से शांत बैठे अपने पूराने कार्यकर्ताओं को दोबारा से सक्रिय कर रहे है।वहीं कलायत में जुटने वाले पुराने चेहरे और मंच से कुलदीप का रुख यह तय करेगा कि यह मुहिम सिर्फ पुराने दोस्तों की चाय-पे-चर्चा है या आने वाले दिनों में हरियाणा की राजनीति में किसी बड़े फेरबदल की आहट होगी।



